BIRAC

वैल्यू एडेड इनोवेटिव ट्रांसलेशनल रिसर्च करने हेतु युवाओं को सशक्त बनाना (E-YUVA)

 

योजना के बारे में:

E-YUVA योजना का उद्देश्य युवा छात्रों और शोधकर्ताओं के बीच अनुप्रयुक्त शोध और आवश्यकता-उन्मुख (सामाजिक या उद्योग) उद्यमशीलता इनोवेशन की संस्कृति को बढ़ावा देना है।

 

फेलोशिप, प्री-इनक्यूबेशन और मेंटरिंग सहायता की मदद से उद्यमी संस्कृति को विकसित करने के लिए इस योजना को E-YUVA Centres (EYCs) के माध्यम से कार्यान्वित किया गया है। EYCs को विश्वविद्यालय / संस्थान द्वारा स्थापित और बाइरैक, BioNEST समर्थित जैव-इनक्यूबेटर द्वारा सलाह दी जाती है।

 

बाइरैक द्वारा  EYCs का समर्थन किया है, जिसमें शामिल हैं:

पूर्व ऊष्मायन स्थान (3,000 वर्ग फुट या अधिक)

ऊपर उल्लिखित श्रेणियों के अनुसार छात्रों हेतु फैलोशिप प्रबंधित करना

छात्रों के लिए उद्यमी जागरूकता कार्यशालाओं का संचालन करना

यह योजना निम्नलिखित दो श्रेणियों के तहत छात्रों को सहायता प्रदान करती है:

बाइरैक इनोवेशन फेलो (स्नाकोत्तर और उससे ऊपर के छात्रों हेतु)

बाइरैक E-YUVA फेलो (स्नातक छात्रों हेतु)

 

फेलो का चयन राष्ट्रीय स्तर के आवेदन और EYCs और  EYC नॉलेज पार्टनर के सहयोग से शॉर्टलिस्टिंग प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा

 

E-YUVA नॉलेज पार्टनर

 

इनोवेशन फेलो की सलाह और EYCs को समग्र मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु, बाइरैक BioNEST  समर्थित बायो-इनक्यूबेटर्स को सहयोग प्रदान करेगा। साथ ही, नॉलेज पार्टनर, अवार्ड अवधि के दौरान फेलो के साथ मिलकर समग्र मार्गदर्शन प्रदान करने का काम करेंगे। इसके अलावा, बायो-इनक्यूबेटर्स कार्यक्रम हेतु ब्रांड एंबेसडर के रूप में कार्य करेंगे और इसको आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।

BIRAC के BioNest इनक्यूबेटर्स देखने हेतु यहां क्लिक करें:

BIRAC में वर्तमान में पाँच E-YUVA केंद्र हैं (पहले इसे यूनिवर्सिटी इनोवेशन क्लस्टर्स (UIC) के रूप में जाना जाता था):

अन्ना विश्वविद्यालय, चेन्नई

पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़

तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय, कोयंबटूर

कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय, धारवाड़

राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर

 

UIC, विश्वविद्यालय स्तर पर इनोवेशन संस्कृति को सहायता प्रदान करने हेतु केंद्र के रूप में कार्य कर रहे हैं। UIC का काम नेटवर्किंग की सुविधा के अलावा, इनोवेशन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने हेतु हितधारकों के बीच साझेदारी,  UIC उत्पादों में प्रभावी ट्रांसलेशन के लिए नवीन योजनाओं, नवप्रवर्तकों को पूर्व ऊष्मायन सहायता प्रदान करना भी है।

 

फैलो की श्रेणियाँ:

 

पोस्ट डॉक्टोरल फैलो: हर महीने 50,000/- रुपये बाइरैक इनोवेशन फेलोशिप तथा सालाना 5,00,000/- रुपये  इनोवेशन ग्रांट

 

पोस्ट ग्रेजुएट फेलो: हर महीने 30,000/- रुपये बाइरैक इनोवेशन फेलोशिप तथा सालाना 2,00,000/- रुपये  इनोवेशन ग्रांट

 

कौन आवेदन कर सकता है?

 

पोस्ट डॉक्टोरल फैलो: वे आवेदन जिन्होंने विज्ञान के किसी भी क्षेत्र में अपनी पीएचडी पूरी कर ली है, जिसमें जीवन विज्ञान / जैव रसायन / सूक्ष्म जीव विज्ञान / बायोफिजिक्स / वनस्पति विज्ञान / जूलॉजी / फार्माकोलॉजी / जैव प्रौद्योगिकी / कृषि जैव प्रौद्योगिकी या किसी अन्य संबंधित क्षेत्र तक सीमित नहीं है। साथ ही, पीएचडी करने वाले छात्रों पर विचार नहीं किया जाएगा। साथ ही, चयनित लोगों को फेलोशिप कार्यकाल के दौरान पीएचडी के लिए पंजीकरण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी चयनित फैलो को UIC में पूर्णकालिक रूप से अपना कार्य करना होगा।

 

पोस्ट ग्रेजुएट फेलो: वे आवेदक जिन्होंने विज्ञान के किसी भी क्षेत्र में मास्टर्स / बीटेक / बीफार्मा / बीई पूरा किया है, जिसमें जीवन विज्ञान / जैव रसायन / माइक्रोबायोलॉजी / बायोफिजिक्स / वनस्पति विज्ञान / जूलॉजी / फार्माकोलॉजी / जैव प्रौद्योगिकी / कृषि जैव प्रौद्योगिकी या जैविक विज्ञान में किसी अन्य संबंधित क्षेत्र तक सीमित नहीं है।

 

फैलोशिप की अवधि:

 

फैलोशिप 18 महीने की अवधि के लिए है, जिसमें केवल योग्य मामलों के लिए 6 महीने का विस्तार है।

 

डाउनलोड संबंधी

दिशा-निर्देश हेतु यहां क्लिक करें (E-YUVA योजना)