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स्मॉल बिज़नेस इनोवेशन रिसर्च इनिशिएटिव (SBIRI)

 

देश में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) प्रयासों को सहायता देने हेतु, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग द्वारा वर्ष 2005 में स्मॉल बिज़नेस इनोवेशन रिसर्च इनिशिएटिव (SBIRI) योजना  शुरू की गई थी। जैव प्रौद्योगिकी की SBIRI योजना अभिनव पीपीपी इनिशिएटिव के शुरुआती चरणों में अपनी तरह का पहली शुरुआत थी। SBIRI के लॉन्च होने के बाद, लक्षित संगठनों को अपने उत्पाद और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और उनकी मार्केटिंग के लिए बेहतरीन मंच प्राप्त हुआ है। इस प्रयास ने भारतीय बायोटेक क्षेत्र में शोध और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए छोटी और मध्यम कंपनियों द्वारा इनोवेशन, जोखिम लेने और निजी उद्योग, सार्वजनिक संस्थानों और सरकार को मंच पर लाने की सुविधा प्रदान की है। नतीजतन, इस योजना अंतर्गत समर्थित परियोजनाओं ने कई उत्पादों के रूप में उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए हैं, जो पहले ही बाजार में आ चुके हैं। साथ ही, बहुत से आशाजनक शोध परिणाम आने बाकी हैं जो कि व्यावसायीकरण की दिशा में आशा की किरण हैं।

 

यही वजह है कि बेमिसाल संस्थागत तंत्र के रूप में, SBIRI ने उच्च सामाजिक महत्व के उत्पादों और प्रक्रियाओं के विकास को बढ़ावा देने हेतु वैज्ञानिक पृष्ठभूमि वाले वैज्ञानिकों के नेतृत्व में छोटी और मध्यम कंपनियों में उच्च जोखिम वाले नवीन शोध के लिए लगातार प्रारंभिक चरण की फंडिंग को प्राथमिकता दी है, जिसमें उच्च सामाजिक प्रासंगिकता शामिल है।

 

SBIRI योजना किस दिशा में काम करती है

यह मौजूदा निजी औद्योगिक इकाइयों को मजबूत करना जिनका उत्पाद विकास आंतरिक इनोवेशन अनुसंधान एवं विकास पर आधारित है

अपनी अनुसंधान एवं विकास क्षमताओं और धारण शक्ति को बढ़ाने हेतु अन्य छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहन देना

विज्ञान उद्यमियों के लिए नई तकनीक या ज्ञान आधारित व्यवसाय शुरू करने के अवसर मुहैया करवाना

तकनीकी आधारित इनोवेशन को प्रोत्साहन देना

 

SBIRI के उद्देश्य

उद्योग द्वारा जैव प्रौद्योगिकी में अवधारणा के पूर्व-सत्यापन के प्रारंभिक चरण हेतु सहायता प्रदान करना,

विशेष रूप से स्वास्थ्य, खाद्य और पोषण, कृषि और अन्य क्षेत्रों में सामाजिक आवश्यकताओं से संबंधित नई स्वदेशी तकनीकों को सहायता प्रदान करना,

शिक्षा और सरकार के साथ उचित संबंध बनाने हेतु नए उद्यमों की सहायता के लिए नवीन और उभरती हुई प्रौद्योगिकियों / उद्यमियों को फंडिंग देना और संरक्षक बनाना

 

इस योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

निम्नलिखित द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत किए जा सकते हैं

1. कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत निगमित कंपनी द्वारा या

2. सीमित देयता भागीदारी अधिनियम, 2008 के तहत सीमित देयता भागीदारी (LLP) द्वारा या

3. अन्य निजी या सार्वजनिक साझेदार (विश्वविद्यालयों या संस्थानों) के साथ संयुक्त रूप से उपरोक्त किसी भी संस्था द्वारा कंपनी / LLP के रूप में संयुक्त उद्यम द्वारा।

 

उद्योग हेतु पात्रता मानदंड

कंपनी के न्यूनतम 51% शेयर भारतीय नागरिकों के पास होना चाहिए जो भारतीय पासपोर्ट रखते हैं (भारतीय नागरिकों में भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) और ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया (OCI) धारक शामिल नहीं हैं)

इसके भागीदार के रूप में LLP दस्तावेज में अपना नाम रखने वाले व्यक्तियों में से न्यूनतम आधे भारतीय नागरिक होने चाहिए।

भाग लेने वाली कंपनियों के पास परियोजना कार्यान्वयन पहलुओं (जिसे साइट के दौरे के दौरान मूल्यांकन किया जाएगा) या किसी भी मान्यता प्राप्त ऊष्मायन सुविधा से जुड़े होने चाहिए।

 

शैक्षणिक सहयोगी हेतु पात्रता मानदंड

 

भारत में सार्वजनिक / निजी विश्वविद्यालय / कॉलेज

राष्ट्रीय अनुसंधान प्रयोगशालाएँ

निजी अनुसंधान प्रयोगशालाओं / सोसायटी / फाउंडेशन के लिए लाभ के लिए नहीं

 

प्रस्तावों हेतु आमंत्रण

वर्ष में प्रस्तावों हेतु तीन बार आमंत्रण मांगे जाते हैं।

 

15 फरवरी - 31 मार्च

15 जून - 31 जुलाई

15 अक्टूबर - 30 नवंबर

 

1 - SBIRI - पूर्ण योजना दस्तावेज़

 

2 - SBIRI - परिचालन तंत्र

3 - फंडिंग से जुड़े दिशा-निर्देश

 

4 - प्रोजेक्ट जमा करने के लिए प्रोफार्मा

 

5 - अन्य दस्तावेज

 

प्रारूप - अनुदान-सहायता पत्र समझौता

 

प्रारूप - अनुदान-सहायता पत्र समझौता

(I) बाइरैक से फंड पाने वाले दोनों, कंपनी तथा इन्स्टीट्यूट

(II) बाइरैक से फंड पाने वाली सिर्फ़ कंपनी

(III) बाइरैक से फंड पाने वालों में सिर्फ़ कंपनी

 

प्रारूप - बोर्ड संकल्प

प्रारूप - गैर-ग्रहणाधिकार पत्र

प्रारूप - आंतरिक नवाचार अनुसंधान एवं विकास

प्रारूप - परियोजना पूर्णता रिपोर्ट

प्राधिकरण के पत्र

शेयरहोल्डिंग हेतु सीए या सीएस सर्टिफिकेट